बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने कहा कि बलरामपुर अब पिछड़ा जनपद नहीं, बल्कि गांव, गरीब, किसान और नौजवानों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने वाला जिला बन रहा है। प्रदेश सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। 10 अक्टूबर 2026 को बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का उल्लेख किया गया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 803 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है।

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बन रहा मेडिकल कॉलेज:-
मुख्यमंत्री ने बताया कि बलरामपुर में पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र में रिंग रोड का निर्माण और चीनी मिल का विस्तार भी किया जा रहा है। इन कार्यों से आवागमन की सुविधा बेहतर होने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
थारू संस्कृति और विरासत को मिलेगा बढ़ावा:-
मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू म्यूजियम के माध्यम से क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा।

मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का भी होगा लोकार्पण:-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निर्माण क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से इस विश्वविद्यालय का भव्य लोकार्पण भी कराया जाएगा। विश्वविद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
मां पाटेश्वरी धाम का किया उल्लेख:-
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ से पूर्व मां पाटेश्वरी देवी के पावन धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धार्मिक स्थल लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि मां पाटेश्वरी की पावन भूमि लोगों को कठिन परिस्थितियों में भी साहस बनाए रखने तथा हर चुनौती का सामना करने की प्रेरणा और शक्ति देती है।
उन्होंने मां पाटेश्वरी धाम की धार्मिक महत्ता और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी रेखांकित किया।
विकास के नए अवसरों की उम्मीद:-
बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, रिंग रोड, चीनी मिल के विस्तार और थारू म्यूजियम जैसी परियोजनाओं को जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से स्वास्थ्य, शिक्षा, आवागमन और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य बलरामपुर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए गांव, गरीब, किसान और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
