महराजगंज। नौतनवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत शिवपुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में इंटरलॉकिंग, रसोईघर एवं कायाकल्प कार्य के भुगतान और माप पुस्तिका (एमबी) को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार—

1. इंटरलॉकिंग में सवाल: मौके पर लगभग 3,500 ईंटों का प्रयोग बताया जा रहा है, जबकि एमबी में करीब 4,500 ईंटों की मात्रा दर्ज होने का आरोप है।
2. टाइल्स की माप पर सवाल: बरामदे में आंशिक टाइल्स लगाए जाने के बावजूद लगभग 83.16 वर्ग मीटर टाइल्स की एमबी दर्ज होने की बात सामने आई है।
3. पुराने मोटर-पानी टंकी का भुगतान: बिल-बाउचर के अनुसार पुराने मोटर एवं पानी की टंकी के नाम पर करीब ₹7,250 भुगतान का मामला भी जांच के दायरे में है।
4. मजदूरी भुगतान पर सवाल: मजदूरी मद में ₹51,550 भुगतान दर्शाया गया, जबकि बिल बाउचर में ₹36,900 के दिख रहे बिल-बाउचर
5.विद्यालय के रसोईघर का बाहर का किया गया प्लास्टर जबकि रसोई घर के अंदर नहीं हुआ प्लास्टर और टायल लगाने वाला कार्य पुराने दिख रहे टायल
सबसे बड़ा सवाल: जब कार्य पूरा होने के बाद जांच और वास्तविक माप के आधार पर एमबी तैयार की जाती है, तो मौके की मात्रा और दर्ज माप में कथित अंतर कैसे आया? क्या भुगतान से पहले कार्य का भौतिक सत्यापन हुआ था?
अब जिम्मेदारी तय होनी चाहिए—संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, मौके की पुनःमाप और भुगतान-बाउचर का सत्यापन कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है।
