3.51 लाख रुपये का बनाया गया स्टीमेट, भुगतान की तैयारी पर उठे सवाल
महराजगंज नौतनवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेवतरी में चकबंध पर मिट्टी कार्य के नाम पर घास की छिलाई और समतलीकरण कराए जाने का आरोप लगा है।
ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस प्रकरण से ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत सेवतरी में कोठारी के खेत से मजीद के खेत तक चकबंध पर आठ से 14 अक्टूबर तक मिट्टी कार्य कराया गया है। इस कार्य के लिए तकनीकी सहायक की ओर से 3.51 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किए जाने की बात सामने आई है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर स्टाइमेट के मुताबिक निर्धारित मिट्टी कार्य कराने के बजाय घास की छिलाई और समतलीकरण कराया गया है। इसके बावजूद कार्य के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान की तैयारी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने तकनीकी सहायक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब सवाल यह है कि मौके पर वास्तव में कितना मिट्टी कार्य कराया गया और तैयार स्टीमेट के अनुरूप काम हुआ भी है या नहीं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से स्थलीय सत्यापन कराकर कार्य की माप, गुणवत्ता और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
