अशोकनगर : मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र के नानकपुर गांव से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक युवक, पवन कुमार अहिरवार (25), का अंतिम संस्कार भारी बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे करना पड़ा, क्योंकि गांव के नए श्मशान घाट का उद्घाटन नहीं हुआ था। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत की लापरवाही को उजागर किया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है।
घटना का विवरण
पवन कुमार अहिरवार, जो हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था, इलाज के बाद घर लौटा था। रविवार, 13 जुलाई 2025 को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने उसके अंतिम संस्कार के लिए गांव के नवनिर्मित श्मशान घाट का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन पंचायत सचिव सविता रजक ने यह कहकर मना कर दिया कि श्मशान घाट का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है। नतीजतन, परिवार को भारी बारिश के बीच खुले में, बिना किसी शेड या सुविधा के, पवन का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
स्थानीय निवासी रामू अहिरवार ने बताया, “हमने पंचायत सचिव से श्मशान घाट की चाबी मांगी, लेकिन उन्होंने कहा कि उद्घाटन नहीं हुआ, इसलिए इसे खोला नहीं जा सकता। बारिश इतनी तेज थी कि चिता को जलाने के लिए हमें तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। यह हमारी जिंदगी का सबसे दर्दनाक अनुभव था।” कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पवन के दलित समुदाय से होने के कारण पंचायत सचिव ने जानबूझकर श्मशान घाट नहीं खोला, हालांकि प्रशासन ने इस दावे को खारिज किया है।
प्रशासन और पंचायत की लापरवाही
नानकपुर गांव में श्मशान घाट का निर्माण पिछले साल पूरा हुआ था, और इसके लिए सरकारी फंड भी आवंटित किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत ने उद्घाटन के नाम पर जानबूझकर देरी की, जिससे ग्रामीणों को बारिश में खुले में अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह पहली बार नहीं है जब अशोकनगर जिले में ऐसी घटना हुई है। जून 2025 में कोलुआ गांव में भी एक आदिवासी महिला का अंतिम संस्कार बारिश में दूसरे गांव के श्मशान घाट में करना पड़ा था, क्योंकि वहां मुक्तिधाम की सुविधा नहीं थी।
चंदेरी के SDM राकेश सिंह ने घटना पर खेद जताते हुए कहा, “हमें इसकी जानकारी नहीं थी। हम तुरंत जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।” उन्होंने पंचायत सचिव सविता रजक को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही। अशोकनगर के जिला कलेक्टर संजय जैन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति गठित करने का आदेश दिया है।
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