सिद्धार्थनगर :
ग्राम नागचौरी निवासी रामकला की हत्या और उनकी पत्नी प्रभावती व बेटी किरन पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। चाकू से हुए इस हमले में पिता रामकला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल मां बेटी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया था।
इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि दोनों के शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण तुरंत रक्त चढ़ाना आवश्यक है, वरना उनकी जान बचाना मुश्किल होगा। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही सिद्धार्थ नगर पुलिस अधिकारी आगे आए। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार सदर और क्षेत्राधिकारी विश्वजीत शौर्यन ने स्वयं रक्तदान किया। हालांकि उनकी ओर से दिया गया रक्त नाकाफी साबित हुआ तब अन्य दो पुलिस अधिकारियों ने भी रक्तदान कर मां-बेटी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
आज दोनों की हालत खतरे से बाहर है। प्रभावित परिवार ने पुलिस अधिकारियों के इस मानवता भरे कार्य के लिए आभार जताया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही जब कोई संकट आता है तो पुलिस मानवता का भी फर्ज निभाती है। इस घटना से पुलिस की संवेदनशील और सेवा भाव की तस्वीर सामने आई है।
