सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ कस्बे में स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। शिव बाबा मंदिर के पास बना बड़ा नाला वर्षों से अधूरा पड़ा है। बीच का हिस्सा बना ही नहीं और आगे का हिस्सा ढक्कन लगाकर पूरा दिखा दिया गया। इस नाले से पूरे कस्बे का गंदा पानी एवं बरसात का पानी गुजरता है लेकिन खुले हिस्से में आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है।
शनिवार को इस लापरवाही की वजह से एक गाय का बछड़ा नाले में गिर गया जिसे स्थानीय लोगों ने मिलकर किसी तरह बाहर निकाला। अगर इंसान या बच्चा गिरता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
वार्ड नं. 10 गांधीनगर की उपेक्षा
यह क्षेत्र वार्ड नंबर 10 गांधीनगर के अंतर्गत आता है लेकिन लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। यहां की साफसफाई नाली मरम्मत और ढक्कन लगाने की मांग स्थानीय लोग लगातार उठाते रहे हैं। अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष और वार्ड सभासद तक को कई बार लिखित और मौखिक सूचना दी गई है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सफाई कर्मियों की मनमानी
वार्ड का जिम्मा संभालने वाले सफाईकर्मी महेंद्र पर लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे जानबूझकर इस इलाके की सफाई नहीं करते।
बाजार और सड़क की तरफ तो तीन-तीन बार झाड़ू लगाई जाती है लेकिन गांधीनगर वार्ड के इस हिस्से की पूरी तरह अनदेखी की जाती है। शिशु मंदिर स्कूल रोड पर सफाई करने का दिखावा किया जाता है जबकि असली बस्तियों में गंदगी और नालों की दुर्दशा जस की तस है। प्लॉट के पास घनी झाड़ियां उगी हुई हैं जिनमें जहरीले सांप और अन्य खतरनाक जानवर पनप रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन्हीं झाड़ियों के बगल से होकर एक सड़क सीधे स्कूल जाती है जहां
गांव और शहर के बच्चे रोज पढ़ने आते हैं। इस कारण बच्चे और अभिभावक लगातार डर और खतरे के साए में जी रहे हैं जिसकी जानकारी प्लांट मलिक को होने के बावजूद झाड़ी की सफाई नहीं कराई जा रही है प्लाट मालिक भारत माता चौक के पास रहते हैं सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह सब नगर पंचायत प्रशासन और सफाई कर्मियों की लापरवाही है। एक तरफ सरकार सबका साथ सबका विकास और स्वच्छ भारत मिशन का नारा देती है दूसरी तरफ नगर पंचायत के अधिकारी और सफाईकर्मी इसे पलीता लगा रहे हैं।
वार्ड नंबर 10 गांधीनगर की यह उपेक्षा और लापरवाही सीधे तौर पर सरकार की छवि खराब करने का कार्य प्रतीत होती है।
जनता के सवाल
आखिर वार्ड की सफाई और नाली मरम्मत की जिम्मेदारी कौन लेगा?
अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं?
कब तक बच्चे महिलाएं और स्थानीय लोग गंदगी सांप बिच्छुओं और अधूरे नाले से जूझते रहेंगे?
यदि जल्द ही इस पर कार्यवाही नहीं हुई तो स्थानीय लोग आंदोलन और उच्चस्तरीय शिकायत करने को बाध्य होंगे।
