सीतापुर में मेरा रेशम मेरा अभिमान का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया

सीतापुर: दिनाँक 06.09.2025 को केंद्रीय रेशम बोर्ड बीटीएसएस बिलासपुर के तत्वाधान में ग्राम नेवादा प्रखंड परसेंडी जिला सीतापुर में मेरा रेशम मेरा अभिमान का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें रेशम कृषकों सहित कुल 78 लोगों ने सहभागिता किया.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे जिला पंचायत सदस्य श्री इन्द्रपाल चौधरी ने सहभागिता किया.

इस अवसर पर सीएसबी बीटीएसएसओ बिलासपुर के वैज्ञानिक डॉ जयप्रकाश पाण्डेय, श्री अमित रघुवंशी सहायक निदेशक रेशम, श्री सतीश कुमार एएसडीओ राज्य रेशम विभाग उत्तर प्रदेश व श्री प्रमोद कुमार रेशम विकास अधिकारी व जिला पंचायत सदस्य श्री इंद्रपाल चौधरी, श्री उरूज अहमद पत्रकार एवं श्री वीरेंद्र कुमार रेशम सहायक ने कृषकों के साथ चर्चा किया.

इस प्रशिक्षण में कोकून की कटाई व प्रबंधन पर जानकारी प्रदान किया गया. पत्तियों का रोगों से बचाव और उच्च गुणवक्ता वाले पतियों मे कीटपालन एवं बीमारियों का नियंत्रण प्रशिक्षण दिया साथ ही इस टीम ने तकनीकी के विभिन्न जनकारिया प्रदान हेतु सीतापुर के नेवादा के फार्मों का भ्रमण किया, रेशम कृषकों से चर्चा किया एवं रेशम से जुड़े लोगों से जानकारी एकत्र किया एवं रेशम कीटपालन के विषयों पर चर्चा किया।

रेशम कृषकों का “मेरा रेशम मेरा अभियान” के प्रति व्यापक जुड़ाव-
डा जयप्रकाश पांडे, वैज्ञानिक केंद्रीय रेशम बोर्ड

इसके साथ ही राज्य रेशम विभाग के अधिकारियों से “मेरा रेशम मेरा अभिमान” के तहत सीतापुर जनपद में रेशम उद्योग को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया ।इसके साथ ही ग्राम- कैमहरा-वजीरपुर , सीतापपुर मेरा रेशम मेरा अभिमान कार्यक्रम ग्राम – कैमहरा-वजीरपुर सीतापुर में मेरा रेशम मेरा अभिमान का कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें रेशम कृषकों सहित कुल 46 लोगों ने सहभागिता किया.

इस अवसर पर सीएसबी बीटीएसएसओ बिलासपुर के वैज्ञानिक डॉ जयप्रकाश पाण्डेय, श्री अमित रघुवंशी सहायक निदेशक रेशम, व श्री सतीश कुमार, एएसडीओ राज्य रेशम विभाग उत्तर प्रदेश, व श्री प्रमोद कुमार रेशम विकास अधिकारी, श्री वीरेंद्र कुमार रेशम सहायक फील्ड मे किसानों को पतियों एवं खादों का प्रदर्शन दिया. साथ ही इस टीम ने तकनीकी के विभिन्न जनकारिया प्रदान दिया , जिला पंचायत सदस्य श्री इन्द्रपाल ने
इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला साथ ही अपील किया कि ग्रामीणों को रेशम उद्योग से जुड़कर लाभ उठाना चाहिए.

 

 

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