रिपोर्ट /धर्मेन्द्र पाण्डेय
सीतापुर: महोली सीतापुर बिगत 7 दिसंबर जवाहरपुर चीनी मिल अपना गन्ना लेकर गए किसान हेमराज पुत्र लल्लू निवासी अमीर नगर की मिल प्रांगण में ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर आकस्मिक मृत्यु हो गई थी.
कल चीनी मिल कमलापुर अंतर्गत चल रहे कार्य में कार्यरत श्रमिक सुमित सिंह तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें हिंद हॉस्पिटल मऊ में भर्ती कराया गया और वह जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहे हैं. सोचनीय प्रश्न यह है कि, उपरोक्त दोनों दुर्घटनाओं में मिल प्रबंधन तंत्र द्वारा किसान परिवार और मरणासन्न अवस्था में अस्पताल में भर्ती श्रमिक की शुधि लेने वाला अभी तक कोई नहीं है.
किसान मंच राष्ट्रीय सचिव/ प्रदेश प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने कहा कि उपरोक्त दोनों दुर्घटनाएं इस बात का प्रमाण है कि अपने खून और पसीने से मिलो के लिए समर्पित किसानों और श्रमिकों की मेहनत जिम्मेदार मिल प्रबंधन व तैनात जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में कोई मायने नहीं रखती.
जवाहरपुर चीनी मिल में मृतक किसान हेमराज की मृत्यु को एक सप्ताह होने को है परंतु किसी भी जिम्मेदार मिल अधिकारी ने अभी तक पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना व्यक्त करने की जरूरत नहीं समझी. दूसरी तरफ कमलापुर चीनी मिल में घायल श्रमिक अस्पताल में भर्ती है और जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है, परंतु वहां के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने बेचारे का हाल-चाल लेना भी मुनासिब नहीं समझा.
सिंह ने कहा मानवता खुद में शर्मसार हो रही है और जिम्मेदारों द्वारा आर्थिक मदद तो बहुत दूर की बात मृतक किसान हेमराज के परिवार व घायल श्रमिक सुमित सिंह तक पहुंच कर ढांढस बंधाने के दायित्व से भी खुद को दूर कर लिया है!
किसान मंच द्वारा अब इन दोनों दुर्घटनाओं में मृतक किसान परिवार के लिए मुवावजे व घायल श्रमिक के इलाज हेतु सहायता राशि की मांग के संदर्भ में धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा. चूंकि मृतक किसान की पत्नी जनपद सीतापुर में तैनात कर्मठ जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपने दर्द और समस्या से अवगत कराया था,परंतु मिल की तरफ से अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई.
