नई दिल्ली: टेक दिग्गज आईबीएम ने लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जिसमें मानव संसाधन (HR) विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बाद यह छंटनी टेक सेक्टर में AI और ऑटोमेशन की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्ण ने बताया कि कंपनी AI से होने वाली बचत को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, मार्केटिंग, और सेल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रही है।
AI और ऑटोमेशन का प्रभाव
आईबीएम ने अपने HR कार्यों को स्वचालित करने के लिए AskHR AI प्लेटफॉर्म लागू किया, जो 94% प्रशासनिक कार्य जैसे पेरोल और अवकाश अनुरोध संभालता है। इससे 2024 में 11.5 मिलियन इंटरैक्शन हुए, जिससे 3.5 बिलियन डॉलर की बचत हुई। हालांकि, 6% कार्यों में मानवीय निर्णय की जरूरत पड़ती है, जिसके लिए कंपनी ने नए सिरे से भर्तियां भी कीं।
अन्य टेक कंपनियों में छंटनी
माइक्रोसॉफ्ट ने 13 मई को 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जो उसकी 228,000 कर्मचारियों की संख्या का 3% है। गूगल ने अप्रैल में अपने प्लेटफॉर्म और डिवाइस डिवीजन में सैकड़ों पदों को खत्म किया। Layoffs.fyi के अनुसार, 2025 में 130+ कंपनियों में 61,220 टेक कर्मचारी नौकरी गंवा चुके हैं।
आईबीएम की AI रणनीति
आईबीएम ने अपने थिंक सम्मेलन में OpenAI, माइक्रोसॉफ्ट, और अमेजन के साथ इंटीग्रेट होने वाले AI टूल्स लॉन्च किए। कंपनी का दावा है कि कुल कर्मचारी संख्या बढ़ी है, क्योंकि AI से बचत को रचनात्मक और रणनीतिक भूमिकाओं में निवेश किया जा रहा है।
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