वाराणसी 5 नवम्बर 2025:
आस्था अध्यात्म और अद्भुत सौंदर्य का संगम बना काशी का गंगा तट देव दीपावली के पावन अवसर पर लाखों दीपों की ज्योति से संपूर्ण अर्धचंद्राकार घाट जगमगा उठे। काशी की देव दीपावली ने एक बार फिर यह प्रमाणित किया कि यह सिर्फ पर्व नहीं बल्कि एक दिव्य अनुभूति है जहां श्रद्धा संस्कृति और समर्पण एकसाथ दीप बनकर जलते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर देव दीपावली महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने क्रूज़ पर सवार होकर मां गंगा की महाआरती का दर्शन किया और गंगा किनारे एकत्र श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से उनका स्वागत किया।
चेत सिंह घाट पर ‘काशी-कथा थ्रीडी शो ने इतिहास अध्यात्म और गंगा संस्कृति की गाथा को जीवंत किया। वहीं गंगा पार रेत पर ग्रीन क्रैकर्स शो ने लोगों में उल्लास भर दिया।
दशाश्वमेध घाट पर 21 अर्चकों और 42 देव कन्याओं द्वारा भव्य महाआरती की गई। घाट को 21 कुंतल फूलों और 51 हजार दीपों से सजाया गया। इस दौरान अमर जवान ज्योति की अनुकृति स्थापित कर देव दीपावली को ऑपरेशन सिंदूर और शहीद जवानों को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर वीर जवानों को भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित किया गया। काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा और पुष्प सज्जा से भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण बना रहा।
पूरे आयोजन के दौरान जल थल और नभ से सुरक्षा व्यवस्था की सख्त निगरानी रही। घाटों पर पुलिस एनडीआरएफ पीएसी और स्वयंसेवक लगातार तैनात रहे।काशी के इस दिव्य पर्व ने एक बार फिर साबित किया —
> जहां दीप जलते हैं वहां गंगा बोलती है और जहां गंगा बोलती है, वहां काशी अमर रहती है।
📍 रिपोर्ट – Live 24 India News
