शोहरतगढ़ कस्बा इन दिनों गंदगी की चपेट में है। सुबह से ही मुख्य बाज़ार, सब्ज़ी मंडी और आसपास की गलियों का नज़ारा स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत बयान कर रहा है। जगह जगह कूड़े-कचरे के ढेर लगे हैं जिनसे उठती दुर्गंध ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। गंदगी के कारण मच्छर और मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
नगर पंचायत द्वारा प्रतिदिन सफाई व्यवस्था का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। मुख्य चौराहे से लेकर बाज़ार तक नियमित साफ-सफाई न होने से वातावरण अस्वच्छ बना हुआ है। दुकानदार और राहगीर दोनों ही इस स्थिति से परेशान हैं। गंदगी की वजह से जहां खरीददारों की संख्या प्रभावित हो रही है, वहीं बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन पर सरकार और विभागों द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शोहरतगढ़ जैसे छोटे कस्बों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह कागज़ों तक सीमित दिख रही है।
अब ज़रूरत है कि नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लें, बाज़ार क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें और स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक तस्वीर धरातल पर उतारें।
